RSS

गऊ समान कन्या

29 Mar

कुछ तो सोच जमाने
ओ बेटों के दीवाने

Hindi Poetry World

नवरात्रा के उपलक्ष्य में बेटियाँ बचाने की शपथ ही सच्चा पूजन है .

करते है जिसकी डोली विदा, रक्त उस का बहाना न चाहिए

कन्या तो गऊ समान है, वध उस का करना न चाहिए

तुम भी तो किसी की  बेटी हो, फिर क्यों सुख की तुम सांस भरो ?

छीन सांसें बेटी के हक की, पाप सर पे चढ़ाना न चाहिए

करते है जिसकी डोली विदा, लहू उस का बहाना न चाहिए

ज़रा सोच करो द्रिष्टि धर के, न काटो सृष्टि को जड़ से

कर कन्या हत्या-एक नीच कर्म, जन्म अपना गवाना न चाहिए

पढले बेटी तभी चेहरा, बेटी हर मन की बात सुने

चले वंश बस बेटे से, इस भ्रम में आना न चाहिए

करते है जिसकी डोली विदा, रक्त उस का बहाना न चाहिए

बेशक न जिमाओ, तुम कंजक, न पूजो चाहे कोई देवी

अपने घर आती कन्या को, मृत्युद्वार दिखाना न चाहिए

करते है जिसकी डोली विदा, लहू उसका बहाना…

View original post 14 more words

 
Leave a comment

Posted by on March 29, 2015 in poetry

 

thank you.

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

 
%d bloggers like this: