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जब अपनो से किया सवाल ?

24 Apr

जब ही तो अपने पराये होते हैं
बेगानपन अपनो में जब बोते है
अपनापन वफाये क्या क्या खोते है
चाहत बदलती बगावत में
शराफत बदलती शिकायत में
भेद रखे अपने दीवारो में
अपनो के बांटे हजारों में
दरद टपके दिल की दरारो में
सूकून न मिलता बहारो में
सवाल का जवाब होता सवाल
यूं ही पुछा होता मन में मलाल
नया दौर की नई नई चाल
दरद न ले , खुशी से टाल

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One response to “जब अपनो से किया सवाल ?

  1. Veena Shayari

    May 2, 2015 at 11:50 AM

    बहुत खूब बता नही के आपकी लिखी शायरी पढ़ कर कितना सुकून आया

     

thank you.

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