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Author Archives: Rajni Vijay Singla

About Rajni Vijay Singla

I am a poet and a music lover. I have written more than 2000 poems which touch all aspects, be it personal, social, political, love, children, life and God. I started writing poetry, articles and songs on the eve of Mother's day, 2002. After that, my work kept on getting published in various newspapers like Dainik Bhaskar, Dainik Jagran, Punjab Kesari, Ajit and Magazines like Challange, Naritv and Vama. I feel proud to share that my work was also appreciated by Dr. APJ Abdul Kalam when my son got an opportunity to meet him in person and presented my poems written on Dr. Kalam himself. By God's grace, I also got shortlisted for a national award INDIRA GANDHI PARAVARAN PURASKAR. I am the recepient of Women Bhaskar award-2011, Green Idol awards and many more. I got to present my poems in many public events for Red Cross Society and Lovely Professional University. My husband Mr. Vijay Singla, is an inspiration to me who supported me and my talent in every possible way. I feel really proud of my son Bhavya Singla as well as my daughter- Shivangi Singla, who have also started writing good pieces of art that gives me a worthy support.

Limit cycle

Limit cycle
 
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Posted by on July 10, 2020 in poetry

 

China Plastic bye bye

China + Plastic दोनों छोड़ें ।
देसी brand भी eco से जोड़े।

 
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Posted by on June 30, 2020 in china apps ban

 

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Covid curtain

परदा है परदा
परदे के पीछे
परदानशीं हैं।

 

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उम्मीदों के साये

उम्मीदों के साये

अधेरों को चीरती रोशननियां उम्मीदों को परवाज देती है ।
उमंग ,उल्लास ,सुकुन , आनंद को अपनी पहचान देती है

 
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Posted by on June 4, 2020 in poetry

 

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Happy birthday Maa

Happy birthday Maa

मेरी दुनिया में इतनी जो शौहरत है
मेरी माँ की बदौलत है,
ऐ ऊपर वाले और क्या देगा तु
मेरे लिये तो मेरी माँ ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है
Happy Birthday MOM
वो हस्ती जो बेपन्हा प्यार करे माँ ही तो है
वो जो बच्चो के लिए जिए…
हैप्पी बर्थ डे मॉम 🥰🥰🥰
Mummy words r really less to express my love n respect for you..god bless you n give u good health 🥰🥰mmmwaaaa😘😘😘

 

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Happy birthday Maa

Happy birthday Maa

मेरी दुनिया में इतनी जो शौहरत है
मेरी माँ की बदौलत है,
ऐ ऊपर वाले और क्या देगा तु
मेरे लिये तो मेरी माँ ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है
Happy Birthday MOM
वो हस्ती जो बेपन्हा प्यार करे माँ ही तो है
वो जो बच्चो के लिए जिए…
हैप्पी बर्थ डे मॉम 🥰🥰🥰
Mummy words r really less to express my love n respect for you..god bless you n give u good health 🥰🥰mmmwaaaa😘😘😘

 

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बच के जरा बंदे

बच के जरा बंदे

आज किसी की ?
कल किसी की ?
आती रहनी बारी है ।
जात न देखे न पात।
दिन न देखे न रात ।
टाले बंदे न टले होनी।
ये तो इक महामारी है

 

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Happy Mothers Day Maa

Happy  Mothers Day Maa

Happy Happy Mother Day … Maa….
Meri Maa ka Aansh -Vansh barkrar rahe..
Tere dua -dular hum pe beshumar rahe..
Tera diye Hum me sda hi Sanskar rahe..
Happy Mother Day you hi bar bar kahe

 

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ऐ कुदरत ! सब खैर कर

ऐ कुदरत  ! सब खैर कर

एे करोना इतना कहर न कर
पसीना बहा जिनका खेतों में
जीवन उनका जहर न कर
देखे फसल संग सपने जो
साकार हो, वो ढेर न कर
माना खता हुई है ,न बैर कर।

सब खैर कर, सब खैर कर

जुर्म ऐ जफा हुआ है न गैर कर।

 

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बंदे तुझे जगाने को #

ना जाने किसकी बददुआ लगी ?

हंसते गाते हुए जमाने को ।

तड़प रहा है , तड़प रहा है ।

तड़प रहा है तड़प रहा है

पिंजरे से बाहर आने गाने को ।

भूल अपनी भूलवाने  को

ना जाने किसकी बददुआ ?

कुदरत को कहर बन कर आना पड़ा

ऐ बंदे तुझे जगाने को ।

 

अन्नदाता आराध्य

अन्नदाता आराध्य

करदाता का भी अन्नदाता के बिना गुजारा नहीं।
अन्नदाता को पर कभी किसी ने क्यूं दुलारा नहीं ?

 
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Posted by on April 13, 2020 in poetry

 

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दूरी जरुरी

दूरी जरुरी

दूरियां मजबूरियां बन गई।
जिंदगी व मौत में ठन गई।

 
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Posted by on April 12, 2020 in poetry

 

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जंग दीये और तूफान की

 
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बैखौफ बेफिक्र बेइन्तेहा बहार।

बैखौफ बेफिक्र बेइन्तेहा बहार।

बहारे बेख़ौफ रंग बरसा रही हैं।

Lock down में दुनिया खौफ में

कुदरत की बहुत बड़ी अपराधी

अपनी करनी पे पछता रही है ।

 

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दुर कर दे ये अंधेरे ।

दुर कर दे ये अंधेरे ।

ऐ खुदा ! ये अंधेरा दूर मिटाना होगा ।
रोशनियों से जंहा फिर सजाना होगा ।

 
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Posted by on April 6, 2020 in #covid, corona

 
 
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