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Category Archives: मां भारती

(बिछड़े) कभी न आन मिले!

बरसी मनाके हम तो भूल जायेंगे।

खोने वाले कभी क्या भूल पायेंगे ?

इम्तिहान ऐ जिंदगी जब आजमायेंगे।

कैसे देश गीत ये, कैसे देश प्रीत ये ?

विरासत -सियासत मे , ये पनपायेंगे ?

टूट टूट जायेंगे, ये घुट घुट जायेंगे।

स्मारक -समाधि पे शायद ये आ जायेंगे।

घुटन व टुटन से कैसे रिहाई ये पायेंगे ?

बिछड़े कभी भी नाही आन मिले ।

तिरंगे में लिपटी जब रिश्ते ऐ जान मिले।

इक बार मातमी धुन, सलामी ऐ शान मिले।

हमदर्दी तमग़ा, कभी कुछ कुछ अनुदान मिले

ताउमर उससे कैसे उनका ख़ानदान चले ???

 

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अपनों के तीर

अपनों के तीर

अपने जब दरद देते इन्तेहा
पराये तब ये कहते हंसके हम पे
बेहद नाज करते थे तुम जिन पे


आज वही जुबां खामोश रुह घायल
मन का भिगो गये कोना – कोना ।

अश्क छुपाले और छुपाले रोना

किसको दिखायेगा दरद को ढोना ?

 

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मेरा भारत महान

 

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बस इतना तू याद कर

 

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सूरज से नैन मिलाऊं मैं !

सूरज से नैन  मिलाऊं मैं !

 

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अभिनंदन का अभिनंदन

अभिनंदन का अभिनंदन

 

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Quote

Josh Versus Jaish

जोश की उड़ी उड़ान ।

जय हिंद !जय जवान!

जोश ! तो अभी बाकी है।

ये तो बस इक झांकी है ।

ऐ तिरंगे ! हम तेरे साकी हैं।

कसमे ऐ वतन खाती खाकी है ।

रुह ऐ जिस्म भारत मां की है ।

जोशे ऐ वतन

 

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