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Category Archives: 2019 bye bye

(बिछड़े) कभी न आन मिले!

बरसी मनाके हम तो भूल जायेंगे।

खोने वाले कभी क्या भूल पायेंगे ?

इम्तिहान ऐ जिंदगी जब आजमायेंगे।

कैसे देश गीत ये, कैसे देश प्रीत ये ?

विरासत -सियासत मे , ये पनपायेंगे ?

टूट टूट जायेंगे, ये घुट घुट जायेंगे।

स्मारक -समाधि पे शायद ये आ जायेंगे।

घुटन व टुटन से कैसे रिहाई ये पायेंगे ?

बिछड़े कभी भी नाही आन मिले ।

तिरंगे में लिपटी जब रिश्ते ऐ जान मिले।

इक बार मातमी धुन, सलामी ऐ शान मिले।

हमदर्दी तमग़ा, कभी कुछ कुछ अनुदान मिले

ताउमर उससे कैसे उनका ख़ानदान चले ???

 

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झाड़ू केजरीवाल की सफाईपसंद है

झाड़ू केजरीवाल की सफाईपसंद है

 

अपनों के तीर

अपनों के तीर

अपने जब दरद देते इन्तेहा
पराये तब ये कहते हंसके हम पे
बेहद नाज करते थे तुम जिन पे


आज वही जुबां खामोश रुह घायल
मन का भिगो गये कोना – कोना ।

अश्क छुपाले और छुपाले रोना

किसको दिखायेगा दरद को ढोना ?

 

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नये बरस पे गीत सुफियाने

नये बरस पे गीत सुफियाने

पुराने फसाने..
क्या दोहराने ?
नये गीत मीठे तराने
पिया का जिया
हम लगे बहलाने

अपना सब कुछ लगे लुटाने

पुराने फसाने..क्या दोहराने ?
नये गीत, मीठे – मीठे तराने
पिया का जिया हम लगे बहलाने

पुराने फसाने..क्या दोहराने ?
नये गीत मीठे मीठे तराने
गाये आ इश्के ऐ सूफियाने

इश्क़ न जाने दुनियादारी

नाही जाने दारु दगा बहाने

रुह तो बस रूहानियत जाने

जहान जिस्म से रहे बेगाने

इश्क़ तो बस इश्क़ पहचाने ।

मैं से तू तू तू तू हो जाने

 
 
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ऐ जाते हुए बरस!

जाते हुए लम्हों को दिल देता सलामी है
रोके भी न रुके तू वक्त, बस तुझ में यह खामी है
अलविदा उन लम्हों को, उन अश्के गमों को
छीना जिसने था मेरे मन का वो चैना
आखिरी दिन तो बीता बरस तेरा
बची बस आज की ही रैना
ऐ रैना! गुजारिश तुझसे
भरदे मुस्कानों से झोली
कितने बरस आए, कितने ही बीत गए
इस बरस ही मांगी मैंने दुआ भोली
क्योंकि छोटी सी आशाए हैं
नेक इरादे हैं, पाकीज़ भाषाएं हैं
ऐ जाते हुए बरस!
तुझको तो अश्कों संग ही जिया है
सदियों से ज़्यादा ज़हर, इस बरस ही पीया है
जाते-जाते थोड़ा अमृत दे जाना
भूल गई थी हंसी, चाहते हैं अब मुस्काना
हंसना-हंसाना हमारी फितरत है
हमारी हंसी तो लौटा जाना
जी चाहे जी भर के मुस्काना
मुस्काना मुस्काना मुस्काना!

रजनी विजय सिंगला

ऐ जाते हुए बरस!

 

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