RSS

Category Archives: fun masti

योग कराये रुहानी संयोग

योग कराये रुहानी संयोग

युगों युगों से भी है योग पुराना ।
उमर, मज़हब ,सरहद से अनजाना
मन तन गाते एक ही तराना।
संत ऋषि तो ही योगश्वर कहलाते ।
योग के बल से परमात्म को पाते ।
योग दिवस ! बंधु आओ रोज़- रोज मनाये ।
International Yoga Day भारतीय अध्याय ।
तन को मन से, स्वास्थ्य जैसे धान्य-धन से ।
खुद को खुदा से, मालिक ऐ मन से योग जुड़ाये।

 

Tags: , , , , , , , , ,

Video shiksha

 

Tags:

बायनाः ढाई अक्षर प्रेम का काफी है

बायनाः ढाई अक्षर प्रेम का काफी है

सास भी कभी बहू ही थी

कल की बहू ,आज सासु रानी

घर घर की है यही कहानी

यह रीत तो सदियों पुरानी

करवा चौथ देखो दोनो मनाती

मेंहदी रचाती, चूड़ी खनकाती

सुहाग के गीत गाती

तारो की घनी छाँव मे

दोनों ने बड़े ही चाव मे

खाई करवे का गरी सरगी

शाम सुनाई सासु ने करवे की कहानी

बायने की थाली सजा के लाई बहूरानी

पाँव छूकर बायना देवे बहूरानी

गले लगाके बड़े आस से

बहू से यह कहा ,सास ने:

( मेरे लाल की तू लालिमा

मेरे चाँद की तू है चांदनी

उसकी मल्लिका, उसकी रानी

बायने मे चाहिए केवल ,बिटिया रानी!

बस ढाई अक्षर प्रेम के ,गृहलक्ष्मी !तू सुहानी !

ढाई अक्षर प्रेम के

ढाई अक्षर प्रेम के

काफी है ,काफी है

जिंदगी प्यार की

मुस्कान व दुलार की

काफी है, काफी है

क्योंकि (प्यार ) होता है जंहा

( मिठास )आ जाती है वंहा

प्यार ही काफी है ,काफी है।

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Image

उफ ! ये मुस्कान तौबा

image

मुस्कान की कोई उमर न होती।
न मजहब, ऱुत न कोई जात ।
मुस्कान बिखेरती मस्त बहारें ।
कशमीर  सी  कंचन कायनात ।
मुस्कान न मांगे कुबेर खजाने ।
मुस्कान के बदले बस मुस्कराहट ।

 

Tags:

Image

भारतीय कला लाजवाब है | Hindi Poetry World

https://hindipoetryworld.wordpress.com/2015/11/07/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%a

image

e%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a5%88/

 

Tags: , , , , ,

Image

मां ! ममता व कलम सब गज़ब है

image

 

Tags:

Chat

मां की दुआए कबूल कर दे

  दरद के पहाड़ सब पल में ही तू धूल  कर दे ।
चुभने से पहले ही हर शूल को तू फूल कर दे।
बुलंदियो में, हे रब्बा ! बच्चे  तू मशगूल कर दे।
हर तमन्ना ,हर दुआ, हर  मां की कबूल कर दे ।
उनकी मासूम गलतियां भूलने की भूल कर दे ।
मदर डे पे, खुदा खुद को इतना मशहूर कर दे ।

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , ,

 
%d bloggers like this: