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Category Archives: jal sankat

पानी है तो जिंदगानी है

पानी बना नही सकता , बचा तो सकता है
जाया करने वालो को समझा तो सकता है
लातुर नही बनना,प्यास का एहसास भयंकर
बिन पानी सब सूना, नींद से जगा तो सकता है
पानी की करो निगरानी, तभी वजूद जिंदगानी वरना मिट जायेगा नामोनिशां ,हमारी कहानी
पानी संग कल है, वरना सब उन्नति विफल है

 

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