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Category Archives: poetry

तू मैं ही तो हूं

मैं भी नारी तू भी नारी

तुझको भी परवाज पसंद है

मुझे भी है पसंद उडारी

तेरे सपने है मेरे सपने

तेरे अपने है मेरे अपने

तू भी है अंश किसी का

तुझको अपना अंश दिया है

अंश – अंश तुम मिल महकाना

इक नये अंश की फुलवारी

उड़ने को खूब पंख मिलेंगे

जीत पे विजय के शंख मिलेंगे

भरो चाहे आकाश आगोश में

जमीं पे रहे बस नजर तुम्हारी

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Posted by on March 10, 2018 in poetry

 

क्यूं करूं ?

राजी रहता जब रब , राजी रहते हैं सब

फिर खुद को खुदा से मैं जुदा क्यूं करू ?

 
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Posted by on January 24, 2018 in poetry

 

वक्त वक्त की बात

कभी हंसाता , कभी रुलाता
कभी थमाता , कभी भगाता
वक्त पे चले न जोर किसी का
जोर अपना ही दिखाता वक्त
देते हैं जो दरद हम ओरो को
सूद समेत लौटाता है वक्त
करम का पहिया चलाये वक्त
वक्त आने पे इंसाफ कराये वक्त
वक्त मेहरबां तो जिंदगी रोशन
अपने खाते ही करवाते शोषण
चाहना तो नही कोई भी गंवाना
वक्त की मरजी, वक्त का नजराना

किसको है हंसाना किसको रूलाना

 
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Posted by on January 23, 2018 in poetry

 

Teri Nazar Noorani

 
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Posted by on June 22, 2017 in poetry

 

मान जाओ +मना लो

गलतफहमी को  fiss करो ।

अपनों को   थोड़ा miss करो ।

अपनेपन को  जरा kiss करो ।

Happy Healthy wish करो ।

 
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Posted by on April 6, 2017 in poetry

 

दुआए काम आयेगी

दुआए काम आयेगी
इरादे करो नेकी का

 
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Posted by on January 21, 2017 in poetry

 

परेशान हूं मैं ?

कोई अपने अहम संग भी खूब मज़े में 

मैं अपने रहम से बड़ा परेशान  हूं।

 
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Posted by on December 19, 2016 in poetry