RSS

Category Archives: poetry

Kal kisne dekha. . . .

rajnivijaysingla:

कल हैै आने वाला पल
आज जिये जो वही सफल

Originally posted on Hindi Poetry World:

Image

Image

View original

 
Leave a comment

Posted by on March 27, 2015 in poetry

 
Image

Betiya aur bute mitane ki kagar par

rajnivijaysingla:

कंजक कुदरत मांगे जीवन

Originally posted on Hindi Poetry World:

image

View original

 
Leave a comment

Posted by on March 27, 2015 in poetry

 
Image

एक मां दो लाल

image

तेरे दूध की मूल्य चुकाऊंगा मां
तुझे पल पल हंसाऊंगा मां

Posted from WordPress for Android

 

Tags:

Ae parinde kyu nahi aaya?

Ae parinde aaj tu aaya nahi
meetha geet apna sunaya nahi
Baithi thi lga ke tera thal mein
Tu bhog   lagane aaj aaya nahi
Aur kahi dawat hai narajgi
Saathi sangi bhi sath laya nahi
Sham dhale tuk rahega intzar
Naraz hungi gur tu aaya nahi
Ro dungi gur mujhe manaya nahi
Befikar kur tu khake -gaake kucch
Khush kur kehna gaya zaya nahi

 

Tags:

बचपन हमारा बचपन तुम्हारा

बचपन हमारा था खुशि़यों का मेला
बचपन तुम्हारा है तनाव व झमेला
कुदरत हमारी होती थी सदा साथी
शोखी शरारत हमें थी गुदगुदाती
तुमने बंद किया खुद को दरवाजो में
न गुडडे न गुड़िया न वो भोली बातें
न नानी कहानी ,न वो मेले न जगराते
न बूडडी के बाल,न वो भुले न धमाल
न आमों की चोरी,न वो चाट वो पकोड़ी
अब तो पिज्जा मोमोज, thankyu or sorry
कम्पयूटर गेम की सलाखो में देखो हैं बहका
Smartphone apps से बस है चहका
मस्ती भी रह दब के रह गई कंही अंदर
लुटी कागज की कश्ती,वो बूंदों का समंदर
Indoor game ने outdoor बचपन किया
पांच बरस में की उमर को जैसै पचपन किया
कैदी बने गये बच्चे , technolgy का पिंजरा
मासूमियत खो गई ,हंसी भी खो गई
मां भी बिन लोरी दिये इंतजार में सो गई
बचपन की मुस्कराह technology धो गई
छीन के मासूम महक कांटे कितने चुभो गई

Posted from WordPress for Android

 

Tags:

दरद भी सूकून भी

आंसू भी जरूरी
मुस्कान भी जरूरी
बिन उतार चढ़ाव
है जिंदगी अधूरी
आता है दिन जब
गहरी रात के बाद
अलग ही होता सूकून
अलग ही होती खुशी
रोशन ऐ जजबात

Posted from WordPress for Android

 

Tags:

जमीन बनाम जमीर

जमीर की अनसुनी कर जमीन की आवाज सुनने वालो की नैतिकता बहरी हो जाती है
इंसानियत धुंधली हैवानियत गहरी हो जाती है

Posted from WordPress for Android

 
 
Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 373 other followers

%d bloggers like this: