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Category Archives: poetry

ऐ चांद ! कहूं कुछ तुझसे ।

तेरा इंतजार भी हसीन ।

तेरा दीदार भी हसीन ।

बुरा मत मनाना चांद ।

 मेरा दिलदार भी हसीन।

मिलेगा न जवाब उस सा।

नाही आसमां नाही ज़मीन ।

पास रहके भी है पास।

दूर रहके भी वो करीब ।

 
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Posted by on October 19, 2016 in poetry

 

बेटियां साथ न छोड़े !

दुआए है बेटियां ।

सदाये है बेटियां ।

क्युं कराहे फिर भी बेटियां ।

क्यूं पाये फिर सजायें ही बेटियां  ?

 
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Posted by on October 6, 2016 in poetry

 

मन बड़ा ही करता है।

दरद देख जहान के मन ये करता है ।

तमाम दरद मिटा दूं, मस्कानें ला दूं।

कुछ पहल भी की , मुशकिलें हल भी की ।

इल्तजा है ,आप भी जरा सोचिये

अश्क मिटाने के रास्ते खोजिये ।

कुछ कदम हम चले, कुछ चलो तुम ।

मंजिले मिल जायेगी,  यकीन है हमे ।

 गमज़दा इंतज़ार में,पाने को ऐसे लम्हे ।

 
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Posted by on August 4, 2016 in poetry

 

मन की बात 

छज्जे चौबारे चाहे हो कितने ऊंचे ?

संस्कार ऊंचे हो तो बात बने ।

सीरत नीची  पर सूरत ऊंची।

नही  सूफी फिर साथ बने  ।

 
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Posted by on July 24, 2016 in poetry

 
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सामंजस्य सेतु प्यारा 

 
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Posted by on July 19, 2016 in poetry

 

तूने तो सब दिया ज़िंदगी ।

तू देती रही , ऐ जिंदगी !

हम लेते रहे, ताने देते रहे ।

न रब को कोई शुकराना ।

 बस रोज नये -नये शिकवे ।

बेवक्त, बेवजह खुद को सताना ।

तूने भी कर ली तौबा, लगी कतराने ।

अनसुने करने लगी  ताने-बहाने ।

 लगता है नजरिया बदलना  होगा ।

गर जिंदगी को बनाना है अपना ।


 
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Posted by on July 3, 2016 in poetry

 

मोहब्बत की हद

मजहब से मोहब्बत की हद तय कर ।

इंसानियत की इबादत व जय कर ।

वतनपरस्ती  न सर चढ़ इतना बोले  ।

आजादी रुहानी , बड़ी मस्तानी ।

मुस्कान बिखेरती वतनपरस्ती हो ।

फरिशते सी बंदे तेरी हस्ती हो ।

जीओ जी भर और जीने दो ।

आजादी के घूंट सब को पीने दो ।

 इस जमीं  को जन्नती नगीने दो । 

 
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Posted by on July 2, 2016 in poetry

 
 
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