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Category Archives: pok

अपनों के तीर

अपनों के तीर

अपने जब दरद देते इन्तेहा
पराये तब ये कहते हंसके हम पे
बेहद नाज करते थे तुम जिन पे


आज वही जुबां खामोश रुह घायल
मन का भिगो गये कोना – कोना ।

अश्क छुपाले और छुपाले रोना

किसको दिखायेगा दरद को ढोना ?

 

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Status

बस कर जमाने ! बस

दर्द बांटने को आतुर … ….

ऐ ज़ालिम जमी ज़माने !

खुशी बांटी होती जो थोड़ी भी

तो कुछ ओर ही आलम होता ।

जमीं ही बन जाती जंहा ऐ जन्नत

खुदा भी थोड़ा बेफिक्र होता

 

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अभिनंदन का अभिनंदन

अभिनंदन का अभिनंदन

 

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Quote

Josh Versus Jaish

जोश की उड़ी उड़ान ।

जय हिंद !जय जवान!

जोश ! तो अभी बाकी है।

ये तो बस इक झांकी है ।

ऐ तिरंगे ! हम तेरे साकी हैं।

कसमे ऐ वतन खाती खाकी है ।

रुह ऐ जिस्म भारत मां की है ।

जोशे ऐ वतन

 

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