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Category Archives: Tribute

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क्या इंसाफ हो गया ?

क्या इंसाफ हो गया ?

चलो मार गिराया दरिंदो को।

थम जायेगा क्या दर्दनाक सिलसिला?

वासना के वहशी परिंदो से

क्या नही अब कोई शिकवा गिला ?

युगों से घायल भटकती रूहों

को क्या इतना इंसाफ काफी है ?

बहते अश्क, बेचैन अहसास कहे

हर सजा ,कदम ,कम नाकाफी है

नोचे है जिनके अरमान तन मन

न्याय हो न सके लुटे जब आबरू धन

कोई सजा- कोई भी कानून

कोई फ़रमान, कोई भी जूनून

नाकाम है इंसाफ की कसौटी पर

कुते सा झपटा हो बोटी बोटी पर

छीना हो जिसका चैन रूहे ऐ सुकून

मुस्कान लौटायेगा क्या कोई कानून?

कालिख पोती हो चहकती ज्योति पर

खाक कर डाला ,जीते जी जला डाला

नही तालियाँ ठोक सकूंगी ऐसे इंसाफ पर

खुदा की अदालत भी कम इंसाफ के लिए

कोई राहत भी कंहा होगी घृणित पाप के लिए

कोई जल भी कंहा होगा मुक्ति शाप के लिए

न बचाव के लिए नाही सच्चे इसांफ के लिए

शिकार को तरसा दिया इक हसीन ख़्वाब के लिए

ताउम्र सिसकियां, जिल्लत भरे नकाब के लिए

इंसाफ़ के मायने क्या समझेगा गुनाहगार ?

रजनी के अपने मायने है इंसाफ के लिए।

इंसाफ अभी बहुत ज्यादा बाकी है

ये तो इक बस छोटी सी झांकी है

 

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बस कर जमाने ! बस

दर्द बांटने को आतुर … ….

ऐ ज़ालिम जमी ज़माने !

खुशी बांटी होती जो थोड़ी भी

तो कुछ ओर ही आलम होता ।

जमीं ही बन जाती जंहा ऐ जन्नत

खुदा भी थोड़ा बेफिक्र होता

 

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मेरा भारत महान

 

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Josh Versus Jaish

जोश की उड़ी उड़ान ।

जय हिंद !जय जवान!

जोश ! तो अभी बाकी है।

ये तो बस इक झांकी है ।

ऐ तिरंगे ! हम तेरे साकी हैं।

कसमे ऐ वतन खाती खाकी है ।

रुह ऐ जिस्म भारत मां की है ।

जोशे ऐ वतन

 

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Video from Rajnivijaysingla on pulwama Martyrs

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JAI HIND….. 🙏🏻

 

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Cry for life

 

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काश ! Partusha( Anandi) Sister Shivani से मिल लेती

जिंदगी का बस एक पहलू देखा
तभी तोड़ डाली खुद जीवन रेखा
Reel life की बहादुर वधु अानंदी
विदाई बेला से पहले ही विदा हो गई
आत्मबल के गीत गुणगनाने वाली
हाय ! कैसे अात्महत्या पे फिदा हो गई ?
किसी से तो कहती , अपनी मन की बात
शायद रोक लेता ,जगाकर जीवन जज़बात
बेवफाई मायने जिंदगी का अंत नही होता
हर रिश्ता -साथी , फरिश्ता या संत नही होता
काश ! Bk Sister Shivani से मिल लेती
मुरझा गई जो कली ,रुहे आनंद मे खिल लेती
झटक कमजोर पल ,रुहे कसक को छल देती
भूलके अतीत काला, खुद को उजला कल देती
Real life को भी Reel life सा ही हल देती

 

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