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Category Archives: Tribute

काश ! Partusha( Anandi) Sister Shivani से मिल लेती

जिंदगी का बस एक पहलू देखा
तभी तोड़ डाली खुद जीवन रेखा
Reel life की बहादुर वधु अानंदी
विदाई बेला से पहले ही विदा हो गई
आत्मबल के गीत गुणगनाने वाली
हाय ! कैसे अात्महत्या पे फिदा हो गई ?
किसी से तो कहती , अपनी मन की बात
शायद रोक लेता ,जगाकर जीवन जज़बात
बेवफाई मायने जिंदगी का अंत नही होता
हर रिश्ता -साथी , फरिश्ता या संत नही होता
काश ! Bk Sister Shivani से मिल लेती
मुरझा गई जो कली ,रुहे आनंद मे खिल लेती
झटक कमजोर पल ,रुहे कसक को छल देती
भूलके अतीत काला, खुद को उजला कल देती
Real life को भी Reel life सा ही हल देती

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रब को बना ले मितवा

रब से बड़ा  कोई मीत नही
अरदास से बेहतर गीत नही
याद तो करके देख जरा
कर देगा तुझे हरा भरा
खुदाई से उसकी प्यार कर
दिल से जरा फरियाद कर
हर रुह में  वही तो बसता है
इंसानियत हंसे तो संग हंसता है
शुभ करमन सच्ची इबादत है
बुराई का संग,खुदाये- बगावत है

Rajni Vijay Singla

 

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रुहानी खुराक

दरद देकर दुआ पाने की उम्मीद खुदा भी नही पूरी कर सकता तो  इंसान के हाथ  में कंहा दम है  इसलिए खुशी दो खुशी लो

Rajni Vijay Singla

 

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कब तक झेले खून की होली ?

कब तक बने रहेंगे गूंगे बहरे ?
हैवानियत के सहके जख्म गहरे
मासूमों के खून से खेले होली
कब तक चलेगी बारुद गोली ?
दहशतपंथी के बढ़ रहे हौंसले
बिखर रहे बेगुनाहो के घौंसले
इंसानियत होती जा रही ओझल
जाने कौन सा पल हो मौत की आंधी ?
सकून से जीना  हो गया बोझिल

Rajni Vijay Singla

 

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सूफी की परिभाषा

सूफी गीत मायने जब  नयन बरसे
तू ही तू बस तेरे  ही चरचे
आवाज बजाये इश्क का साज
आशिकी पे हो बेहद नाज
सूफी रीत माने जब रुह हरषे
परमात्म परीत को आत्म तरसे
पावन हो जाये पाप के डर से
खुदा सखा अपना ,अनमोल सकून
रब की  आरजू ,अरमाने जूनून

Rajni Vijay Singla

 

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इंसानियत बनाम हैवानियत

एक नूर से सब जग उपजा कि भले कि मंदे गुरुओ धरम के नाम पे गुमराह क्यूं फिर बंदे ?
क्यं बेदरदो ने ढूंढे मार काट के  वहशी धंधे ?
हैवानियत को रास हड़ताल -हिंसा  व नफरत
इंसानियत को भाये अहिंसा -ममता व समता
मजहब नही सिखाता आपस में बैर रखना
रब की आवाज  है रुह की आवाज
रुहानियत पे कर अमल ओ बंदिआ !
आसमां वाले का यही सदा है अखना
प्यार से जग है जीता जाता
नफरत पल्ले पैंदा कख ना

Rajni Vijay Singla

 

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पापा के संग सपने भी ,अपने भी गये

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Rajni Vijay Singla

 

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