RSS

Category Archives: women enpowerment

बायनाः ढाई अक्षर प्रेम का काफी है

बायनाः ढाई अक्षर प्रेम का काफी है

सास भी कभी बहू ही थी

कल की बहू ,आज सासु रानी

घर घर की है यही कहानी

यह रीत तो सदियों पुरानी

करवा चौथ देखो दोनो मनाती

मेंहदी रचाती, चूड़ी खनकाती

सुहाग के गीत गाती

तारो की घनी छाँव मे

दोनों ने बड़े ही चाव मे

खाई करवे का गरी सरगी

शाम सुनाई सासु ने करवे की कहानी

बायने की थाली सजा के लाई बहूरानी

पाँव छूकर बायना देवे बहूरानी

गले लगाके बड़े आस से

बहू से यह कहा ,सास ने:

( मेरे लाल की तू लालिमा

मेरे चाँद की तू है चांदनी

उसकी मल्लिका, उसकी रानी

बायने मे चाहिए केवल ,बिटिया रानी!

बस ढाई अक्षर प्रेम के ,गृहलक्ष्मी !तू सुहानी !

ढाई अक्षर प्रेम के

ढाई अक्षर प्रेम के

काफी है ,काफी है

जिंदगी प्यार की

मुस्कान व दुलार की

काफी है, काफी है

क्योंकि (प्यार ) होता है जंहा

( मिठास )आ जाती है वंहा

प्यार ही काफी है ,काफी है।

Advertisements
 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Chat

#me too as old as woman

#me too as old as woman

#|mee too issue तो है सदियो पुराना
पहले छूपा लेते थे इज्जत बचाने की खातिर
अब न रहा रावण – महिषासुरो का ज़माना
जो बन दिखाती है महाकाली रूपा शक्ति
देता ज़माना उसे नमन् ,सलामी और भक्ति

 

Tags:

Image

( mee too ) sunami

http://Jeevan

कभी संत छेडे़ कभी महंत

कभी नेता कभी अभिनेता

न शोहरत का कोई ख्याल

न किये का कोई मलाल

उनसे तो लाख अच्छे

कोठों के वो दलाल

संस्कारो से कोसो दूर

वासना मे जलते पुतले

महिषासुर से बदतर आसुर

नारी तूझको जागना होगा

दरिंदो को सुलाने की खातिर

बन शाश्वत महाकाली चंडी

सरेआम लगा दो फांसी बंदी

नारी तू ही है नारायणी

नारीत़्व को नमन व झंडी

कत्ल कर दो मानसिकता गंदी

 
Image

उफ ! ये मुस्कान तौबा

image

मुस्कान की कोई उमर न होती।
न मजहब, ऱुत न कोई जात ।
मुस्कान बिखेरती मस्त बहारें ।
कशमीर  सी  कंचन कायनात ।
मुस्कान न मांगे कुबेर खजाने ।
मुस्कान के बदले बस मुस्कराहट ।

 

Tags:

मुबारक मुबारक मुबारक

मुबारक !मुबारक! मुबारक!मुबारक ।
भक्त को भगवान का दुलार मुबारक ।
भूखे को रोटी,  अधनंगे को कपड़ा
प्यासे को पानी की धार मुबारक ।
खेतों को बरखा की बहार मुबारक ।
दिल को प्यार का इज़हार मुबारक । 
सरहदों को अमन ऐ एतबार मुबारक ।
राही को मंजिल की पुकार मुबारक ।
योद्धा को धनुष – तलवार मुबारक ।
जंगलो को हरियल सा हार मुबारक ।
मुसाफिर को पेड़ की छांव मुबारक । 
भारत को स्वच्छता का पैगाम मुबारक ।
किसान को अनाज का दाम मुबारक ।
पंछी को अपना दाना-पानी मुबारक ।
बचपन को नानी की कहानी मुबारक ।
मरते को स्वस्थ जिंदगानी मुबारक ।
सुबह के भूले को  है शाम मुबारक ।
आंचल मे बेटी,  हर अंगना में पौधे ,
मां भारती को ऐसी शान मुबारक ।

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Chat

सूरत पे सीरत भारी

सूरत होती क्या ? जमाना जिसपे फिदा
चार दिन की चांदनी ,चार दिन की  माया
दीवानी  है दुनिया , सब को है भरमाया
सीरत को भूला जग , सूरत पे है ललचाया
न थी सूरत वैसी ,जमाना दे दाद, उस जैसी
अकसर मिलने लगे खंजर से ताने
सूरत बदलना न था हाथ में अपने
दिखा दिये रुह को सीरत के सपने
सीरत का सपना ही कर लिया साकार
मिल रहा उसी रोज से ऐ ! जमाने तेरा प्यार
तभी तो कहता है अपुन का दिल बारम्बार
सूरत न बस में तो सीरत ही बदल लो यार

 

Tags: , , , , , , , , , , ,

Image

भारतीय कला लाजवाब है | Hindi Poetry World

https://hindipoetryworld.wordpress.com/2015/11/07/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%a

image

e%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a5%88/

 

Tags: , , , , ,

 
%d bloggers like this: