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Tag Archives: आई बरखा बहार

नमन! कुदरत नमन!

 

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मौसम बेईमान

बिगड़ने की उमर में सुधरने को कहते है
बड़े नादान है प्यार को  जुरम कहते है
बरखा के मौसम में दिल बेईमान है
फरिशते ही बेताब , देख मस्त घटाये
कंहा  से लाये ईमान ? हम तो इंसान है

 

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