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Tag Archives: abortion

अपनों के तीर

अपनों के तीर

अपने जब दरद देते इन्तेहा
पराये तब ये कहते हंसके हम पे
बेहद नाज करते थे तुम जिन पे


आज वही जुबां खामोश रुह घायल
मन का भिगो गये कोना – कोना ।

अश्क छुपाले और छुपाले रोना

किसको दिखायेगा दरद को ढोना ?

 

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बस कर जमाने ! बस

दर्द बांटने को आतुर … ….

ऐ ज़ालिम जमी ज़माने !

खुशी बांटी होती जो थोड़ी भी

तो कुछ ओर ही आलम होता ।

जमीं ही बन जाती जंहा ऐ जन्नत

खुदा भी थोड़ा बेफिक्र होता

 

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Cry for life

 

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बेटे नही करेंगे बेड़ा पार

 

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काश ! भूख न होती

पापी पेट के लिए करता हूं
आज का तो हुआ इंतजाम
कल के लिए हरदम डरता हुं
तपते तन, सहमे डरे मन से
नागा कभी कभी करता हुं
भुख से करनी पड़ती मुलाकात
जाडे़ में जब -जब ठिठुरता हुं
https://hindipoetryworld.wordpress.com/2018/05/01/%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%82%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80/

 

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बेटियां रहमत रब की

बेटियां रहमत रब की
इनको न जहमत माने
ताउमर रहती अपनी
इनको न पराई जाने
पालना के पंख लगाओ
जी जान से इन्हे पढ़ाओ
बहुत चला ली ऐ ; तूने जमाने
कभी कर शोषण ,कभी दे देे ताने
अब तो कर ले ,तू भी तौबा
रब की नेमत को कर नमन !
कलियो से ही खिलता चमन
बेटियां होती दुआओं जैसी
बरकत की सदाओ जैसी
महकती दिशाओं जैसी
बेटियों से सजा लो आशियाना अपना
साकार करो मासूम अंखियों का सपना
सच्ची यही कंजक पूजा, तप ,नाम जपना

Rajni Vijay Singla

 

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