RSS

Tag Archives: army

दर्द को दावत

दर्द को दावत

सोचा था हिरोशिमा दिवस पर

शांति के फ़रिश्ते आयेंगे

नामालुम था सरहदों पे मासूम मारे जायंगे

एक ही माँ के दो हिस्से

फिर क्यूं हिंसा के किस्से

बेवजह दोहराये जायंगे

दर्दे बादल आयेंगे

अशांति बरसायंगे

 

रजनी विजय सिंगला

 
Leave a comment

Posted by on August 6, 2013 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

JUNG AUR NAHI (KARGIL DIVAS)

Image

 
2 Comments

Posted by on July 27, 2013 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

 
%d bloggers like this: