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Tag Archives: BEAUTY

मुबारक मुबारक मुबारक

मुबारक !मुबारक! मुबारक!मुबारक ।
भक्त को भगवान का दुलार मुबारक ।
भूखे को रोटी,  अधनंगे को कपड़ा
प्यासे को पानी की धार मुबारक ।
खेतों को बरखा की बहार मुबारक ।
दिल को प्यार का इज़हार मुबारक । 
सरहदों को अमन ऐ एतबार मुबारक ।
राही को मंजिल की पुकार मुबारक ।
योद्धा को धनुष – तलवार मुबारक ।
जंगलो को हरियल सा हार मुबारक ।
मुसाफिर को पेड़ की छांव मुबारक । 
भारत को स्वच्छता का पैगाम मुबारक ।
किसान को अनाज का दाम मुबारक ।
पंछी को अपना दाना-पानी मुबारक ।
बचपन को नानी की कहानी मुबारक ।
मरते को स्वस्थ जिंदगानी मुबारक ।
सुबह के भूले को  है शाम मुबारक ।
आंचल मे बेटी,  हर अंगना में पौधे ,
मां भारती को ऐसी शान मुबारक ।

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सूरत पे सीरत भारी

सूरत होती क्या ? जमाना जिसपे फिदा
चार दिन की चांदनी ,चार दिन की  माया
दीवानी  है दुनिया , सब को है भरमाया
सीरत को भूला जग , सूरत पे है ललचाया
न थी सूरत वैसी ,जमाना दे दाद, उस जैसी
अकसर मिलने लगे खंजर से ताने
सूरत बदलना न था हाथ में अपने
दिखा दिये रुह को सीरत के सपने
सीरत का सपना ही कर लिया साकार
मिल रहा उसी रोज से ऐ ! जमाने तेरा प्यार
तभी तो कहता है अपुन का दिल बारम्बार
सूरत न बस में तो सीरत ही बदल लो यार

 

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बेजुबान हुं पर गुमराह नही

मेरी चुप्पी मेरी कमजोरी नही ।
मैं तो वक्त को तवज्जो देता हूं ।
दरद जमाने तेरे सारे मैं सहता हूं ।
कुछ कहना गर बस उसे कहता हूं ।
जो फैसले वक्त ही तय करता है ।
जाने बंदा उसमे क्यूं अड़ता है ?
मेरी खामोशी की वजह क्या है ?
क्योंकि जाने वो ही, रज़ा क्या है ?
बंदे की औकात कंहा न्याय सुनाने की ।
नेकी – बदी पर मुहरें अपनी लगाने की ।
कथनी-करनी के फल, रब के हाथ सारे ।
कल आज व कल , वो ! बिगाड़े या संवारे ।
नैया थमा दो उसको ,वो ही तारे वो उबारे ।
क्युं बदजुबानी ? जब वक्त जवाब दे सारे

 

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पानी है तो जिंदगानी है

पानी बना नही सकता , बचा तो सकता है
जाया करने वालो को समझा तो सकता है
लातुर नही बनना,प्यास का एहसास भयंकर
बिन पानी सब सूना, नींद से जगा तो सकता है
पानी की करो निगरानी, तभी वजूद जिंदगानी वरना मिट जायेगा नामोनिशां ,हमारी कहानी
पानी संग कल है, वरना सब उन्नति विफल है

 

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चलना जरुरी

चलेगें हम जितना ज्यादा
होगा उतना हमको फायदा
न छूयेगी पायेगी बीमारी हमको
न ही तन की लाचारी हमको
कर लो खुद से पक्का वायदा
अटूट संकल्प, अचल इरादा

 

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Merry Christmas बोले Radhekrishna

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हम तो तेरे रंग में रंग गये Santa
रंग जा  तु भी हमारे रंग में
हंस के मनाये उत्सव सारे
क्या रखा मजहब ऐ जंग में
इक जोत से हम सब  रोशन
क्युं न चले फिर संग में ?

 

Rajni Vijay Singla

 

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Merry Christmas बोले Radhekrishna

 

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