RSS

Tag Archives: bhavya

Quote

Uphar ki diary .. prerna ki kalam mein..
Na jane kya jadu kar dala…
Aanadi maa ko de kar honsla..
Banwa dali geeton ki lambi mala..
Shikriya bhavya shivangi ..
Meri aankhon ka ho ujala..

Uphar ki diary …

 
Leave a comment

Posted by on May 4, 2014 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , ,

bate nahi karenge berha par

Image

 
1 Comment

Posted by on March 8, 2014 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

राम नाम से तो डर

नाम लेता लगाता संग जिस राम का

उस मर्यादापुरषोतम के नाम से तो डर

द्रोपदी की लाज बचाई जिसने

उस अर्जुनसारथी घनशाम से तो डर

इंसान रूप, मगर मारे डंक है तु

संतो की पावन धरा पे, कलंक है तु

कब्र मे पांव तेरे, दिल मे वासना के डेरे

बापू बना फिरता, आस्था के शाप से तो डर

शाम होने को जिंदगी की तेरी

मौत की काली छावं से तो डर

मिटी ना अब तक तेरी मैं मैं

अहंकारी रावण के अंजाम से तो डर

होता कौन तु भक्तों को ज़न्नत देने वाला

ओ पापी ज़रा जहन्नुम के इंतकाम से तो डर

दुहाई देता फिरे किन शुभकर्मन की तु

अब जरा दुष्कर्म के दुष्परिणाम से  तु डर

बहुत चढ़ ली श्रदा की चोटिया तुने

अब जरा वक्त के उतराव से तु डर  

 

रजनी विजय सिंगला

Email: rajnivijaysingla@gmail.com

 

 
Leave a comment

Posted by on September 7, 2013 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

कुकर्मी संत की रासलीला

कहाँ मर्यादा पुर्शोतम राम

कहाँ बापू आसाराम

राम नाम को किया बदनाम

रावन से भे बदतर काम

बलात्कार कर सत्संग करे

आत्म आवाज़ को भंग करे

बलात्कार के बाद नातिन कहे

रहें सहे संस्कार वो भे बहे

चेले चपेटे लाखों में

पट्टी बांधें आँखों पे

पापी को बापू कहे नादान भूलो में

बलात्कारी आहंकारी बापू झूलो में

शिकारी बेबस अकेली शूलों में

कानून करे बुलंद आवाज़

बलात्कार से मुक्त करे समाज

शिकार को नहीं शिकारी को मारे

नारी को नहीं बलात्कारी को मारें

रजनी विजय सिंगला

 
Leave a comment

Posted by on August 26, 2013 in message, poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Video

ज़रूरत किसकी ?

this is an inspirational poetry . .

 
Leave a comment

Posted by on August 13, 2013 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Video

ZARURAT KISKI

 
Leave a comment

Posted by on January 24, 2013 in message

 

Tags: , , , , , , , , , ,

मलाला : और चाहिए

Image

विश्व मलाला दिवस

मलाला : और चाहिए

“इंशाल्लाह कितना मासूम चेहरा जैसे किरणों का बसेरा

उम्र छोटी इरादे बड़े  तभी मशालेजीत लिए कारवाँ  पीछे खड़े”

मलाला ने शैतानी इरादों पर मलाल जब किया

सुलगते दरिंदो ने मानवता पर वार तब किया

बेताब रूह-मलाला, आरज़ू रिहाई वतन दकियानूसी ज़ंजीरो से

मौत को पछाड़ा कैसे दुआओं ने कमाल वो किया

सहम गए शिकारी भी, अभिव्यक्ति को मसीहा बना डाला

मिटानी चाही थी एक, पैदा हो गयी कितनी मलाला

नादान थे न-मालूम, मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है

इंसानियत के पुजारियो संग , अल्लाह खुद खड़ा होता है

रजनी विजय सिंगला

E-mail- rajnivijaysingla@gmail.com

 
Leave a comment

Posted by on November 10, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

Image

Gandhian Appeal

gandhian appeal

 
Leave a comment

Posted by on October 2, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

PRIDE OF NATION: Dr. APJ ABDUL KALAM JI

This Poem was written by Rajni Vijay Singla and my son, Bhavya Singla presented it personally to Dr. APJ Abdul Kalam Ji. This was very well appreciated by him and he took away the Poems.

pride of nation

 
Leave a comment

Posted by on September 25, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

गणपति बप्पा मोरेया . .

बड़े भोले है गणपति जी 

इक लड्डू से मन जाते है 

खाके एक लड्डू 

खजाने-अन्न भर जाते है

 गणपति बप्पा मोरेया , मंगल मूर्ति मोरेया !

रजनी विजय सिंगला

 

 

 

 
Leave a comment

Posted by on September 19, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

बधाई बधाई . .

यह बधाई आशीर्वाद के तौर पर मेरे भाइयो के नए शोरूम ” Lovely Marbles”

के उपलक्ष्य पर लिखी और गाई गई है

जैसे गणपति जी ने उनकी इच्छा पूरी की है वैसे ही गणपति जी सब की इच्छा और महत्वकांषा पूरी करे

Image

Image

 
Leave a comment

Posted by on September 19, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

कुदरत स्लोगन

प्रदुषण विरुद्ध ऐलाने जंग

भर दे पर्यावरण के रंग 

….

ताजगी की चाह में हम घुटते जा रहे है 

जीवनदायिनी हवा को विषैला बना रहे है  

 
Leave a comment

Posted by on September 17, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

कुदरत

न किसी फरमान , न एहसान की मोहताज होती है

कुदरत तो खुद खजानों से , सजा ताज होती है

आदिकाल से ले अब तक , लगे सुलझाने जिसे

गुत्थियाँ कई है उलझी हुई , वो राज़ होती है

तय किया इसने , अपनी रहमतों-नेमतों का समां

अनुशासन की धुन से सजा साज होती है

कभी नाज़ होती है , कभी हमराज़ होती है

चीरहरण करते हम जब इसका , प्रदुषण बन

सैलाब, जलजला, सुनामी बन नाराज़ होती है

चहकते बड़े पशु पक्षी , महकते बेल बूते बहुत

सावन बसंत बन , जब आगाज़ होती हैं

शर्मीली बड़ी ओढ़े हुए , ओज़ोन की चुनरी यह

न छेड़ो खेंचो चुनरी , वही इसकी लाज होती है

रजनी विजय सिंगला

Email: rajnivijaysingla@gmail.com

 
2 Comments

Posted by on September 16, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

aatambal

aatambal

 
2 Comments

Posted by on September 12, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

erase scars raise stars . .

bhavya 1

Designed by Bhavya Singla and team.

On the eve of World Education Day:

 
2 Comments

Posted by on September 8, 2012 in poetry

 

Tags: , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,

 
%d bloggers like this: