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Tag Archives: janamashtmi

कुकर्मी संत की रासलीला

कहाँ मर्यादा पुर्शोतम राम

कहाँ बापू आसाराम

राम नाम को किया बदनाम

रावन से भे बदतर काम

बलात्कार कर सत्संग करे

आत्म आवाज़ को भंग करे

बलात्कार के बाद नातिन कहे

रहें सहे संस्कार वो भे बहे

चेले चपेटे लाखों में

पट्टी बांधें आँखों पे

पापी को बापू कहे नादान भूलो में

बलात्कारी आहंकारी बापू झूलो में

शिकारी बेबस अकेली शूलों में

कानून करे बुलंद आवाज़

बलात्कार से मुक्त करे समाज

शिकार को नहीं शिकारी को मारे

नारी को नहीं बलात्कारी को मारें

रजनी विजय सिंगला

 
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Posted by on August 26, 2013 in message, poetry

 

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