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Tag Archives: khuda

ताज किसका ?

ताज किसका ?

ताजमहल बनवा इतराते है जो लोग

कारीगरों के हाथ कटवाते है जो लोग

बुलन्दियो पे अपनी इतराते है जो लोग

माटी में इक दिन मिल जाते है वो लोग

बेबसी पे दुसरो की मुस्कराते है जो लोग

अभिमान का लग जाता है उनको रोग

खुदा भी नही खाता रहम उनपे ज़रा भी

खुदा के दर पे रहम को गीड़गीड़ाते है वो लोग

 

रजनी विजय सिंगला 

 
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Posted by on August 5, 2013 in poetry

 

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Aside

Imageram rahkar

ram rahkar

 
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Posted by on June 7, 2013 in poetry

 

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दिल की जीत ज़रूरी

Asia-Cup-Kabaddi-2012Pakistan-vs-India-Final-Kabaddi-Match-Highlights-Asia-Cup-2012

dil ki jeet zaruri

 
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Posted by on December 17, 2012 in message

 

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सुन भाई सुन – बधाई की धुन

बचपन खुदाइबादत एक सी होती है

आरज़ू तमन्ना नेक सी होती है

गोद मैया की , किलकारियां भैया की

मांगे मिले बचपन दोबारा

वो खुशियों का सावन , वो शरारत का दामन

लौटा दे कोई तो , ले लूँ मैं सारा

प्यारे भैया के सेहरे की तैयारी

अनमोल रतन पे बहना बलिहारी

बधाई दे गणेशा , बधाई दे माई

बधाई लो भाई , बधाई दे साईं

शुभ मिलन बेला , आनंद सुख चैना

हर दिन होली, दीवाली हो रैना

गृहलक्ष्मी मुबारक, गौरा जैसी

बहारों का कहना , भाभी है ऐसी

सूरज से जगमग , चंदा से  उजला

मेरा भैया है ना , मंगल गाये बहना … मंगल गाये बहना …

रजनी विजय सिंगला

 
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Posted by on December 14, 2012 in poetry

 

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