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ताज किसका ?

ताज किसका ?

ताजमहल बनवा इतराते है जो लोग

कारीगरों के हाथ कटवाते है जो लोग

बुलन्दियो पे अपनी इतराते है जो लोग

माटी में इक दिन मिल जाते है वो लोग

बेबसी पे दुसरो की मुस्कराते है जो लोग

अभिमान का लग जाता है उनको रोग

खुदा भी नही खाता रहम उनपे ज़रा भी

खुदा के दर पे रहम को गीड़गीड़ाते है वो लोग

 

रजनी विजय सिंगला 

 
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Posted by on August 5, 2013 in poetry

 

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Aside

Imageram rahkar

ram rahkar

 
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Posted by on June 7, 2013 in poetry

 

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संयम : Salute to Red Ribbon Express

रेड रिबन एक्सप्रेस

 
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Posted by on December 25, 2012 in message

 

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