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दामिनी की दुहाई

 

pg-26-dehli-approtests-go-viral-nationwide-unstoppable-public-outpouring-as-gang-rape-victim-dies

बापू के आजादे हिन्द की सिसकती तस्वीर देखो

कहीं कोख में मौत, बुझाए दहेज़ बलात्कार जीवन जोत

देवियों का देश महान , हाय ! बेटियों की तकदीर देखो

करे फ़रियाद आज दामिनी गाँधी नेहरु से

टपकता दर्दे लहू बापू, आखिरी रूहे तहरीर देखो

कितने अरमानो से रखा था नाम दामिनी मेरा

वतन अपने में हुआ दमन मैला, आबरू पे चली शमशीर देखो

आसमान था सपना मेरा, ना हुआ अपना मेरा

किया बेरंग-बेनूर ऐसा , मट्टी में मिलाया नसीब देखो

बहाने चाहे थे बैठ डोली में आंसू ,आंसुओ की चढ़ाया मुझे सलीब देखो

तमन्ना फूलों की , जीने की चाह थी

कसूर निकली सड़क पे , तैयार अर्थी मेरी वहा थी

उफ़ कितनी थी बदनसीब देखो

दुहाई दे बेटी हिन्द की, लूटते मुग़ल-अंग्रेज़, तो ना होता बेआबरू ! वतन तेरा

उड़ाई धज्जियां जब आबरू-ए-वतन की, आज़ाद दरिंदो ने

लगी बापू तेरी संस्कृति, कितनी गरीब देखो

कानून की आड़ तले , दब जाएगी कहीं आह मेरी

माँ भारती तभी तो मांगे संस्कारो की भीख देखो

पाई जो वेदना मेरे अपनों ने , वैसी ना कोई और पाए

अलविदा दोस्तों ! जाने से मेरे शायद मानवता जग जाए

कुर्बानी को मेरी लगा के केवल नारे, यूं ही ना जाया करना

आत्म-दीप जला के संस्कारो के, उजालों का साया करना

 

रजनी विजय सिंगला

Email: rajnivijaysingla@gmail.com

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Posted by on December 30, 2012 in message

 

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Female feoticide or kanya bhrun hatya… kon Zimeedar…

I would like to ask the public: Who is responsible for this shameless act, Female foeticide…

the one who do made it possible… SCIENCE or who Indulge in such act… PUBLIC AND FAMILIES AGAINST FEMALE BABIES.

Image

AN EFFORT TO GIVE A MESSAGE TO SOCIETY:

BY: RAJNI VIJAY SINGLA

RAJNIVIJAYSINGLA@GMAIL.COM

 
6 Comments

Posted by on June 28, 2012 in poetry

 

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Chotti se asha

It is very heart touching poem, a ray of hope.

traImage

 
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Posted by on June 27, 2012 in poetry

 

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